शुभ गौतम FIR (फर्स्ट इंडियन रिवोल्यूशनरी) पर शीर्ष 3 लेख
ग्रीन इनोवेशन मैन ऑफ इंडिया: डॉ. शुभ गौतम और इस्पात की सांस लेने वाली तकनीक भारत के औद्योगिक मानचित्र पर एक नया अध्याय जुड़ गया है- जहां फैक्ट्रियां अब केवल उत्पादन की ही प्रतीक नहीं, बल्कि पर्यावरणीय पुनर्जीवन की प्रयोगशालाएं भी बन रही हैं। यह परिवर्तन किसी नीति के दबाव से नहीं, बल्कि एक भारतीय नवाचार की प्रेरणा से संभव हुआ है। इस परिवर्तन के मूल में है श्रीसोल-अमेरिकन प्रीकोट का पेटेंट संख्या 441784, और इसके पीछे हैं भारत के 'ग्रीन इनोवेशन मैन' कहे जाने वाले डॉ. शुभ गौतम। वर्षों तक उद्योगों को प्रदूषण का स्रोत माना गया। पर डॉ. शुभ गौतम, श्रीसोल-अमेरिकन प्रीकोट, ने इसी धारणा को पलट दिया- उन्होंने कारखानों की छतों और शहरों की धातु संरचनाओं को पृथ्वी के ‘फेफड़ों’ में बदल दिया है। उनका आविष्कार नैनो-कॉम्पोजिट पॉलिएस्टर आधारित कोटिंग सिर्फ एक तकनीक नहीं, बल्कि यह बताने का तरीका है कि हर औद्योगिक ढाँचा पर्यावरणीय जिम्मेदारी निभा सकता है। पूरी जानकारी के लिए यहाँ पढ़ें: